कटरा के दुर्गा नगर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिवस पर राष्ट्रीय कथावाचक मुक्तामणि शास्त्री ने कथा को भक्तिरस और भावपूर्ण संदेशों के साथ विराम प्रदान किया।
सातवें दिन उन्होंने भागवत महात्म्य, कलियुग में नाम-स्मरण की महिमा, तथा जीवन में सदाचार, करुणा और सेवा-भाव के महत्व पर प्रेरक प्रवचन दिया। कथावाचक ने कहा कि श्रीमद् भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को प्रकाश देने वाला दिव्य पथ है। उनके मधुर भजनों और ओजपूर्ण व्याख्यानों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया।
कथा के अंत में उन्होंने यह घोषणा की कि
कल कथा की पूर्णाहुति होगी तथा हवन एवं भंडारे का भव्य आयोजन किया जाएगा।
श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर दिव्य अनुष्ठान का लाभ प्राप्त करें।
दुर्गा नगर कथा स्थल पर बड़ी संख्या में भक्तों की उपस्थिति रही, और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा।
सातवें दिवस की कथा आरती और प्रसाद वितरण के साथ सम्पन्न हुई।
श्रीमद्भागवत कथा के क्रम में आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रमोद कुमार पाण्डेय, उपाध्यक्ष राकेश कुमार पाण्डेय आदि ने विधि विधान से कथा व्यास का पूजन अर्चन किया। इस अवसर पर दिलीप पाण्डेय, परमेश्वर शुक्ला पप्पू, अशोक उपाध्याय, रामभद्र शुक्ला, राजन श्रीवास्तव राजन पाण्डेय,भगवान प्रसाद तिवारी, रामचंद्र वर्मा, फूल चंद्र पांडेय, सर्वेश यादव, करीम खान कृष्ण मणि ओझा, जितेन्द्र पाडेय, विशाल ओझा, विवेक, बबलू यादव, यश पाण्डेय, सतीश चन्द्र मिश्र, राजेन्द्र सिंह, सुनील कुमार आर्या, राजेन्द्र पाण्डेय, रामचन्द्र वर्मा, कृष्ण कुमार तिवारी, दिनेश पाण्डेय ‘बब्लू’, सर्वेश यादव, राकेश पाण्डेय पिन्टू, उपेन्द्र पाण्डेय, जितेन्द्र पाण्डेय, अमरेन्द्र उपाध्याय, बुद्धि सागर ‘बब्लू’ के साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलायें, भक्त शामिल रहे।













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