श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में लिटिल फ्लावर कॉन्वेंट स्कूल के बच्चों ने बिखेरी भक्ति और प्रतिभा की अद्भुत छटा
बस्ती (एएसपी टाइम्स) पुलिस लाइन बस्ती में आयोजित भव्य श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में लिटिल फ्लावर कॉन्वेंट स्कूल, सुरेंद्र नगर, कटरा, बस्ती के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं ने अपनी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया।
विद्यालय के बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं एवं कृष्ण-लीला पर आधारित मनोहारी झांकी प्रस्तुत कर कार्यक्रम में भक्ति, संस्कृति और भारतीय परंपरा का सुंदर समागम प्रस्तुत किया। बच्चों की शानदार प्रस्तुति ने उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
कार्यक्रम में डीआईजी संजीव त्यागी, जिलाधिकारी बस्ती श्रीमती कृतिका ज्योत्सना, IAS सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों एवं अतिथियों ने लिटिल फ्लावर कॉन्वेंट स्कूल के बच्चों की प्रतिभा, अनुशासन, आत्मविश्वास और शानदार प्रस्तुति की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
बच्चों की प्रतिभा को मंच देना हमारा उद्देश्य : सुरेंद्र प्रताप सिंह
विद्यालय के प्रबंधक सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बच्चों के अंदर प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित मंच और प्रोत्साहन देने की है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे सांस्कृतिक आयोजनों में बच्चों की भागीदारी से उनमें भारतीय संस्कृति, संस्कार और परंपराओं के प्रति जुड़ाव मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देता है।
शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति भी जरूरी : राहुल सिंह
विद्यालय के निदेशक राहुल सिंह ने कहा कि बच्चों ने जिस आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को प्रस्तुत किया, वह उनके निरंतर अभ्यास और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उनकी रचनात्मक एवं सांस्कृतिक प्रतिभा को भी निखारना है। ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपनी संस्कृति व परंपराओं को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।
कार्यक्रम बच्चों के लिए उत्साह और आनंद से भरा रहा। उन्होंने बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का गौरवपूर्ण अनुभव प्राप्त किया।
लिटिल फ्लावर कॉन्वेंट स्कूल — जहाँ शिक्षा के साथ संस्कार, संस्कृति और प्रतिभा को भी मिलता है मंच।












0 Comments