बस्ती में टोल पर ‘लूट’ का आरोप: ट्रक एसोसिएशन भड़का-30 किमी में दो टोल, ये कैसा नियम? टोल वसूली को लेकर बस्ती में मचा बवाल ■ ट्रक एसोसिएशन का आरोप—जबरन बैरिकेडिंग कर वसूली ■ 30 किमी में दो टोल पर प्रशासन घिरा ■ एडीएम बैठक में सिर्फ आधा टोल, स्थायी हल अब भी दूर

 बस्ती में टोल पर ‘लूट’ का आरोप: ट्रक एसोसिएशन भड़का-30 किमी में दो टोल, ये कैसा नियम?


 टोल वसूली को लेकर बस्ती में मचा बवाल ■ ट्रक एसोसिएशन का आरोप—जबरन बैरिकेडिंग कर वसूली ■ 30 किमी में दो टोल पर प्रशासन घिरा ■ एडीएम बैठक में सिर्फ आधा टोल, स्थायी हल अब भी दूर

बस्ती (एएसपी टाइम्स) जनपद में टोल प्लाजा की मनमानी के खिलाफ अब ट्रक संचालकों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। मंगलवार को ट्रक एसोसिएशन बस्ती के पदाधिकारियों की बैठक अपर जिला अधिकारी (एडीएम) की अध्यक्षता में हुई, लेकिन इस बैठक में भी समस्या का ठोस समाधान नहीं निकल सका। 


बैठक में टोल प्लाजा मैनेजर, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी बस्ती सदर और यातायात निरीक्षक मौजूद रहे, बावजूद इसके ट्रक संचालकों का आक्रोश कम होता नहीं दिखा।


बैठक के दौरान ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि जिले में टोल प्लाजा के नाम पर “खुली लूट” हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वाहन स्वामियों से नियमों के खिलाफ जबरन वसूली की जा रही है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।


उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एक ही जिले में दो-दो टोल वसूली कैसे जायज हो सकती है? राजकुमार सिंह ने कहा कि महज 30 किलोमीटर के अंदर दो टोल प्लाजा स्थापित कर दिए गए हैं, जो कि पूरी तरह नियमों के विपरीत है। इससे ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों पर दोहरा आर्थिक बोझ पड़ रहा है।


एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि टोल प्रशासन ने सभी वैकल्पिक रास्तों और कटों पर बैरिकेडिंग कर दी है, जिससे वाहनों को जबरन टोल प्लाजा से होकर गुजरने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने इसे “जबरन वसूली की साजिश” बताते हुए कहा कि यह सीधे-सीधे नियमों और जनता के अधिकारों का उल्लंघन है।


ट्रक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस गंभीर मुद्दे को लेकर वे कई जनप्रतिनिधियों के पास भी जा चुके हैं। सदर विधायक महेंद्रनाथ यादव, पूर्व विधायक रुधौली संजय प्रताप जायसवाल और सांसद राम प्रसाद चौधरी को भी पूरी स्थिति से अवगत कराया गया है। सभी ने समर्थन और समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक जमीन पर कोई असर नहीं दिख रहा है।


उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि पिछले 15 दिनों से वे लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है। इससे ट्रांसपोर्टरों में भारी रोष है और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।


बैठक में आखिरकार जो निर्णय निकला, वह भी ट्रक संचालकों को पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर सका। एडीएम की बैठक में सिर्फ इतना तय हुआ कि मड़वानगर टोल प्लाजा पर ट्रकों से आधा टोल शुल्क लिया जाएगा। एसोसिएशन का कहना है कि यह “जख्म पर मरहम नहीं, बल्कि औपचारिकता” भर है।


ट्रक एसोसिएशन ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल ट्रक संचालकों की नहीं, बल्कि पूरे व्यापारी वर्ग और आम जनता की है।


अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस “टोल विवाद” को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाएगा, या फिर ट्रांसपोर्टरों का गुस्सा सड़कों पर बड़ा आंदोलन बनकर फूटेगा।


इस बैठक में दीपक सिंह अरविन्द कुमार गुप्ता अनुरोध सिंह महेश सिंह दीपक सिंह ठेकेदार प्रमोद यादव, संजय यादव, सुमित चौधरी, अवधेश कुमार, आशीष कुमार गुप्ता, विपुल त्रिपाठी आदि शामिल रहे

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