हर्रैया विधायक अजय सिंह के ऐतिहासिक प्रयास से 5000 श्रद्धालु प्रयागराज रवाना, आस्था-सेवा-संकल्प का बना अनुपम उदाहरण

 हर्रैया विधायक अजय सिंह के ऐतिहासिक प्रयास से 5000 श्रद्धालु प्रयागराज रवाना, आस्था-सेवा-संकल्प का बना अनुपम उदाहरण

बस्ती (एएसपी टाइम्स) हर्रैया विधायक अजय सिंह ने एक बार फिर धर्म, आस्था और सामाजिक दायित्व का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।

उनके सतत प्रयासों से बस्ती जनपद से लगभग 5000 श्रद्धालुओं को प्रयागराज भेजा गया।

यह यात्रा केवल एक धार्मिक भ्रमण नहीं बल्कि जनसेवा का जीवंत उदाहरण बनी।

मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर स्नान हेतु श्रद्धालुओं को विशेष बसों से रवाना किया गया।

श्रद्धालुओं में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।

पूरे आयोजन में अनुशासन और समर्पण की झलक साफ दिखाई दी।

विधायक अजय सिंह ने कहा कि धर्म समाज को जोड़ने का माध्यम है।

उन्होंने इसे जनआस्था और सांस्कृतिक चेतना से जुड़ा अभियान बताया।

पिछले वर्ष कुंभ यात्रा से शुरुआत करने के बाद इस वर्ष भी यह सिलसिला जारी रहा।

लगातार दूसरे वर्ष इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को भेजना अपने आप में मिसाल है।

यात्रा के शुभारंभ अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक नेता उपस्थित रहे।

अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।

क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय ने आयोजन की सराहना की।

जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र ने इसे संगठनात्मक एकजुटता का प्रतीक बताया।

पूर्व विधायक रवि सोनकर ने विधायक अजय सिंह के प्रयासों को प्रेरणादायी कहा।

पूर्व जिलाध्यक्ष कसौधन ने इसे समाज के लिए सकारात्मक संदेश बताया।

विश्व हिंदू महासंघ के अध्यक्ष अखिलेश सिंह भी कार्यक्रम में शामिल रहे।

भाजपा नेता अंकुर वर्मा ने इसे सनातन संस्कृति का उत्सव बताया।

पंडित सरोज बाबा शनेश्वर मंदिर के संतों की उपस्थिति से माहौल भक्तिमय हो गया।

सभी अतिथियों ने बसों को हरी झंडी दिखाकर श्रद्धालुओं को रवाना किया।

श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी और आस्था का भाव स्पष्ट दिखाई दे रहा था।

“जय श्रीराम” और “हर हर गंगे” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।

विधायक अजय सिंह ने कहा कि समाज को जोड़ना उनका संकल्प है।

धार्मिक यात्राएं लोगों में आपसी भाईचारे को मजबूत करती हैं।

ऐसे आयोजनों से सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण होता है।

उन्होंने आगे भी इस तरह के आयोजनों को जारी रखने की बात कही।

हर्रैया क्षेत्र में इस पहल की व्यापक सराहना हो रही है।

जनता ने इसे ऐतिहासिक और अनुकरणीय कदम बताया।

यह आयोजन राजनीति से ऊपर उठकर जनसेवा का उदाहरण बना।

धर्म, आस्था और सेवा का यह संगम लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

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