सनातन धर्म संस्था द्वारा आयोजित बस्ती रामलीला महोत्सव के सातवें दिन की लीला में श्रीनेत ग्लोबल स्कूल के बच्चों ने रावण‑अंगद संवाद का मंचन किया।
शाम 5 बजे से शुरू हुए इस कार्यक्रम में विद्यालय के लगभग 70 छात्र‑छात्राओं ने भाग लिया।
सभी कलाकारों ने पारम्परिक पोशाक में सज‑सज्जा कर दर्शकों के सामने अपनी अदाकारी पेश की।
दर्शकों ने उनके संवादों को खूब सराहा और तालियों की गड़गड़ाहट से मंच गूँज उठा।
रावण‑अंगद संवाद के दौरान अंगद ने रावण को श्रीराम का शांति संदेश सुनाया।
उसने कहा, “यदि तुम अपने अहंकार को छोड़ कर प्रभु श्रीराम की शरण में आओगे, तो तुम्हारी आत्मा को शान्ति मिलेगी।”
रावण ने इस संदेश को ठुकराते हुए अपना गर्व प्रदर्शित किया, जिससे सभा में तनाव का माहौल बना।
अंगद ने आगे कहा, “तुम्हारे पिता बाली ने भी श्रीराम की शरण ली थी, इसलिए तुम्हें भी वही मार्ग अपनाना चाहिए।”
इस पर रावण ने अपने सैनिकों को अंगद का पैर उठाने का आदेश दिया, परन्तु कोई भी उनका पैर नहीं उठा सका।
श्रीनेत ग्लोबल स्कूल के डायरेक्टर राम प्रताप सिंह ने बताया कि इस मंचन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में धार्मिक एवं नैतिक मूल्यों का विकास करना है।
उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि बच्चे रामायण के आदर्शों को समझें और उनका जीवन में अनुसरण करें।”
समारोह का समापन भगवान श्रीराम की आरती और शांति संदेश के साथ हुआ।
सभी उपस्थित लोगों ने इस भव्य आयोजन के लिए आयोजकों को धन्यवाद दिया।
बस्ती रामलीला महोत्सव का यह सातवाँ दिन बस्ती के इतिहास में एक यादगार दिन बन गया।
श्रीनेत ग्लोबल स्कूल के बच्चों की इस सफल प्रस्तुति ने सभी को प्रेरित किया।













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